Friday, November 20, 2009

गीत कैसे लिखूं ....... आज किसी से तुक ही नहीं मिली.........




from KAVITARAWATBPL

रिसता घाव

खजूर पे चढ़ गए दाल के भाव




from जिंदगी : जियो हर पल

दूर कहीं दूर

जा के मरो...यहाँ बहुत महंगाई है



from कुछ शब्द

रोते को हंसा दो तो कोई बात है साहिब, हंसते को रुला देना बड़ी बात नहीं है

बारातियों को दाल पिलाओ, दारु पिलाना कोई बड़ी बात नहीं है




from चर्चा हिन्दी चिट्ठो की !!!

"इंदिरा गांधी के फैसलों में होती थी हिम्मत" (चर्चा हिन्दी चिट्ठों की)

हिम्मत की कीमत करो और कांग्रेस को वोट दो....




from जज़्बात

रोटियों की दीवारें ~~

केवल उपवास से टूटती है




from एक प्याला विचार भरा...

अब मैं किसी को भी अपना पेन नहीं दूंगा...

साले ले के भाग जाते हैं .......वापिस नहीं करते




मक्खन की बेबे (मां) गुम हो गई...खुशदीप

काश ! मेरी बीवी भी गुम हो जाए...........



from J A N O K T I : A Forum of People's Voice

नव गीत: घर को 'सलिल' मकान मत कहो

क्यों ...इस से री सेल वेल्यू कम हो जाती है ?




from धान के देश में! : Hindi Blog

गूगल सर्च इंजिन का विशिष्ट प्रयोग कैसे करें?

सबसे पहले बिजली आने दें फिर चाहे जैसे करें..........




from मेरी कलम -

हम कृष्ण भी हैं - हम राम भी

बस .......आदमी बनते ही बता देंगे आपको




from मौन के खाली घर में... ओम आर्य

तुम्हारा मुबारक जन्म दिन मनाया जाए हर शाख पर!

ताकि उल्लुओं से बच जाए चमन अपना




from अदालत

कोर्ट फीस 20 गुणा बढ़ेगी!

तेलगी एंड पार्टी ध्यान देवें




from समयचक्र

चिट्टी चर्चा - आज सिर्फ महाशक्ति का वार

ताकि भारत माता की हो जयकार




from एक आलसी का चिठ्ठा

पाठक मेरे !

टिप्पणी के साथ साथ पसंद पर भी क्लिक किया कर




from अंधड़ !

अंकल सैम, ड्रैगन और हम !

सब एक ही थैली के चट्टे-बट्टे हैं



from देशनामा

मिल ही गया एक रुपया...खुशदीप

अब मैं तुम्हें फोन कर दूंगा




from दुनाली

थू है ओबामा तुम पर

और तुम्हारे चीनी समर्थक रवैये पर




Rakesh Singh - राकेश सिंह

इसे कहते हैं सरकारी पैसों का सदुपयोग !!!!!!

कि पचास हज़ार का कुत्ता खरीद लिया, दस हज़ार की गाय नहीं खरीदी




शिवेंद्र चौहान

राम भी नहीं कर पाएंगे उनका 'कल्याण'

हाँ कांशीराम होते, तो बात और थी.........



ओबामा को समर्पित एक प्रोडक्ट (यह पोस्ट सिर्फ़ पुरुष पाठक पढ़ें)…

और जहाँ तक सम्भव हो, कमोड पर बैठ कर ही पढ़ें..........



11 comments:

जी.के. अवधिया said...

"गीत कैसे लिखूं ....... आज किसी से तुक ही नहीं मिली........."

बेतुका ही लिख दो जी आजकल तुक से किसी को भी मतलब नहीं रहता, बीट्स होने चाहिये बस! :-)

शानदार चुटकी!

Udan Tashtari said...

बहुत शानदार कवरेज रहा चुटकी लेते लेते!! बधाई!

शरद कोकास said...

यह चुटकी वाली अदा पसन्द आई .. । इसे जारी रखें

आमीन said...

bahut hi shaandaar...
is baat ka dukh hai ki....
maine aisa kyo nhi socha?

lajwaab
badai..

डॉ. राजेश नीरव said...

बढ़ियां.....

संगीता पुरी said...

आप भी बहुत मेहनत कर रहे हैं आजकल .. शुभकामनाएं !!

Dipak 'Mashal' said...

अलबेला जी, आपकी चुटकियों का अंदाज़ भी
आपकी ही तरह अलबेला है,
ये बिल्कुल नया नवेला है.
बकरा बन जाता है बन्दर
लौकी बन जाती केला है..
:)
आभार मुझे अपने साथ लेके चलने के लिए..
जय हिंद...

हिमांशु । Himanshu said...

यह रही अलबेली अदा । शानदार चुटकियाँ, मजेदार चुटकियाँ ।

पी.सी.गोदियाल said...

बहुत सुन्दर खत्री साहब
, चुटकिया बहुत प्यारी मारी है, आभार !!

गिरीश बिल्लोरे 'मुकुल' said...

gazab bhai kamal kar diya

कविता रावत said...

Ab kya kahen???????????
Sab din n hot ek samana......