Wednesday, November 11, 2009

कर ली है नौकरी,तोड़ दी बंदूक,फ़िर छोड़ेंगे नौकरी,फ़िर खरीद लेंगे बंदूक। ___अरे भाई जी ! बिन बंदूक ही लोग भर रहे, नोटों से संदूक






posted by Dr Parveen Chopra at मीडिया डाक्टर

धीमी गति से खाना बचाये रखता है मोटापे से ...


____मंहगाई थोड़ी और बढ़ादो ! कह दो पी एम पापे से




posted by AlbelaKhatri.com at Albelakhatri.com

किसी दीवाने का दिल टूटा होगा आज वरना,, नवम्बर में तो ऐसी बरसात नहीं होती


__वो अबू आज़मी पोलिटिक्स में होता तो उसके साथ मुक्का-लात नहीं होती





posted by Science Bloggers Association at Science Bloggers' Association

हिन्दी ब्लॉगर्स के लिए दो अवार्ड- नामिनेशन खुला है...


____आने दो, मेरे घर का दरवाजा भी खुला है




posted by Anil Pusadkar at अमीर धरती गरीब लोग


___अरे भाई जी ! बिन बंदूक ही लोग भर रहे, नोटों से संदूक







__लो भाई लेखको ! मुनाफ़ा ही मुनाफ़ा .........






posted by Dr Parveen Chopra at मीडिया डाक्टर

जानवर आदमी से ज़्यादा वफ़ादार है !!


____सबकुछ ठीक है, बस नेता ही गद्दार है





posted by बी एस पाबला at प्रिंट मीडिया पर ब्लॉगचर्चा

दैनिक हिन्दुस्तान में 'नया जमाना'


______मुंबई में भी देखा गया तमाशा




posted by इष्ट देव सांकृत्यायन at इयत्ता - ८

बाज़ार की बाढ़ में फंस गया मीडिया


___रिपोर्टरों की सिगरेटें बेकार हो गईं





16 नवम्‍बर 2009 सोमवार की सुबह गोवा में होगी (अविनाश वाचस्‍पति)


___दो बोतल काजू फेनी लेकर आना





posted by अजय कुमार झा at कुछ भी...कभी भी.. -

यार पंद्रह को दिल्ली के ब्लागर फ़्री हैं क्या ....?


___बोलो कहाँ कर टिप्पणी देनी है ?









posted by Mithilesh dubey at Dubey

गाय काटने वालो का क्यों ना सर कलम कर दिया जाये


___फ़िर उसी कलम से अपन हास्य व्यंग्य लिखेंगे ...





posted by डॉ. रूपचन्द्र शास्त्री मयंक at उच्चारण

"क्या तुम साथ निभाओगे?"


___पूछ रहे हो कि सौदा कर रहे हो ?






posted by संजय भास्कर at दुनाली

हम से कोई प्यार नही करता


__अपनेराम किसी को इनकार नहीं करता .....







posted by संगीता पुरी at गत्‍यात्‍मक ज्‍योतिष

कीडे मकोडे भी जोडा बनाकर ही रहते हैं ??


___इसीलिए साले ज़िन्दगी भर कीड़े ही रहते हैं







posted by डॉ० कुमारेन्द्र सिंह सेंगर at रायटोक्रेट कुमारेन्द्र

कपडे तो पहनती नहीं और लौंड्री का बिल एक लाख का


____सवाल लाख का नहीं, साख का है...






posted by gkawadhiya@gmail.com (जी.के. अवधिया) at धान के देश में! :

क्या वो भूत था या महज एक भ्रम?


_____पता नहीं भाई हमें तो मरे हुए कई साल हो गए....






posted by बी एस पाबला at प्रिंट मीडिया पर ब्लॉगचर्चा

राजस्थान पत्रिका में 'मेरा कुछ सामान...'


___अपने सामान कि रक्षा स्वयं करें






posted by काजल कुमार Kajal Kumar at
Kajal Kumar's Cartoons काजल कुमार के कार्टून -

-चुटकी बाज़ अलबेला खत्री








17 comments:

Gagan Sharma, Kuchh Alag sa said...

चुटकी बाज अलबेला खत्री,
जिन्होंने जांची चिट्ठों की पत्री।

संगीता पुरी said...

चुटकी लेने का नया अंदाज .. अच्‍छा लगा !!

Mithilesh dubey said...

बहुत खूब अलबेला जी । आपने छोटे में बहुत कुछ समेट लिया है बधाई । आभार मेरे चिट्ठे को स्थान देने के लिए......

जी.के. अवधिया said...

वाह! वाह!! यह तो एक बहुत ही अच्छा प्रयास और बहुत ही सुन्दर शुरुवात है!!!

महफूज़ अली said...

Wah! wah! mazaa aa gaya......

अविनाश वाचस्पति said...

एक संदूक इधर भी भिजवा दें।
अब काजू फेनी के क्रेट्स मंगवा देंग
दो बोतल से आपका क्‍या होगा ?
चर्चा का चस्‍का अलबेला खत्री को
बाकी चिट्ठाचर्चाकार ब्‍लॉगरों को खतरा।

Krishna Kumar Mishra said...

बहुत खूब भाई

सुलभ सतरंगी said...

वाह! अब आप भी चिठियाने लगे!!
-सुलभ (यादों का इंद्रजाल)

प्रवीण शाह said...

.
.
.
मजा आ गया बंधुवर, जारी रखें चुटकियों को...

Anil Pusadkar said...

चुटकी लेने के लिये हम ही मिले थे क्या भैया जी?मस्त चुटकी अभी तक़ गुदगुदी हो रही है।

sujit said...

एक सराहनीय प्रयास ! स्वागत
सुजीत विचारो में खोया

पं.डी.के.शर्मा"वत्स" said...

वाह्! अल्बेला जी, बहुत बढिया शुरूआत रही चिट्ठा चुटकी की....
मजेदार्!!

RAJ SINH said...

बान्च रहा चिट्थों की पत्री
फ़ेनी पी ’अलबेला ’ खत्री

पी.सी.गोदियाल said...

वाह, बहुत सुन्दर !

Babli said...

वाह वाह खत्री जी! बहुत खूब! चिट्ठा चुटकी आदि से अंत तक मज़ेदार रही!

Udan Tashtari said...

एक लाईना में इतनी चुटकी. :)

नारदमुनि said...

albela jee, chutki baj to ham hee hain.narayan narayan