Sunday, December 13, 2009

आती तो है, इन छिछोरों के लक्खन देख कर लौट जाती है




लो मित्रो !

एक बार फ़िर सादर नमस्कार सहित मैं हाज़िर हूँ

कुछ चुटकियाँ ले कर

अच्छी लगे तो बताना

अच्छी लगे तो ज़रूर बताना..........

-अलबेला खत्री




टेंशन पॉइंट
शंकर फुलारा
नेताओं की पैदाईश पर रोक कैसे लगे..?

___ सत्ता से असामाजिक तत्वों का संसर्ग रोक कर


दिनेशराय द्विवेदी Dineshrai Dwivedi
और क्या कर रहे हो आजकल/कविता के अलावा

___इस बात की चिन्ता कि आज ब्लॉग पर ट्रैफिक कम क्यों है ?


कोपल कोकास
प्यार का एहसास

___ज़िन्दगी को मासूम बना देता है बिटिया ! ठीक तुम्हारी तरह


creativekona

टिप्पणियों में भी गीत रचते-----डॉ. रूपचन्द्र शास्त्री मयंक

___सम्मान स्वरुप आप इनको देदो सौ में से सौ अंक


posted by Mithilesh dubey at Dubey
तुम ही कहो मैं क्या करूँ ? ये मेरे दिलनसीं

___तुम्हारे भोलेपन पे मेरी छूट जाती है हँसी




posted by बी एस पाबला at प्रिंट मीडिया पर ब्लॉगचर्चा -

iNext में 'हलंत'

__up next में ज्वलंत


beena

काश अभी हम बच्चे होते

___तो कपड़ों पे इतना खर्चा नहीं होता



posted by IRFAN at ITNI SI BAAT -


भारत चीन की बापौती है ??

___जी हाँ भैंस हमेशा लाठी वाले की होती है


posted by AlbelaKhatri.com at साहित्य-सहवास
बच्चे अब जापानी तेल की डिमाण्ड नहीं करेंगे

___शुक्र है ...वरना मुश्किल हो जाती !


posted by Vibha Rani at chhammakchhallo kahis
ताज्जुब है!

___आज अखबार में कसाब की फोटो नहीं छपी.............


posted by दीपक कुमार भानरे at TheNetPress.Com
ग्लोबल वार्मिंग - एक सकारात्मक पहल आवश्यक !

___पति-पत्नी के बीच गर्मा-गर्मी बन्द हो !


posted by रचना दीक्षित at रचना रवीन्द्र -

दरारें

___मिटानी हैं तो अब दीवारें ही मिटानी पड़ेगी


posted by shama at Kavita
लुटेरे

__अपने ही थे इसलिए माफ़ कर दिया



posted by डॉ.सुभाष भदौरिया. at डॉ.सुभाष भदौरिया.
छोड़िए छोड़िए सारे शिकवे गिले.

___ले लो, जहाँ से भी थोड़ा प्यार मिले



posted by रौशन जसवाल विक्षिप्त at आधारशिला
धुम्रपान

___अगर बिस्तर में लेटे लेटे कर रहे हैं तो सावधान !
नीचे गिरने वाली राख कहीं आपकी ही हो




posted by रचना at नारी
ये छोटे छोटे राज्य बनाने मे किसका फायदा हैं ??

___उन छोटे छोटे नेताओं का जो बड़ा होने की जुगाड़ में हैं


posted by Kaushal at विचार
इन्हें लाश की राजनीति में भी शर्म नहीं आती!

___आती तो है, पर इन छिछोरों के लक्खन देख कर लौट जाती है



posted by Manmohit Grover at TheNetPress.Com -

युवा वर्ग को साइबर क्राइम की ओर धकेल रहे हैं साइबर कैफे

___चलो अच्छा है, सड़कों पर तो कम होगा क्राइम


posted by gkawadhiya@gmail।com (जी.के. अवधिया) at
धान के देश में! : Hindi Blog -

आखिर गूगल ने ब्लोगिंग के लिये मुफ्त प्लेटफॉर्म क्यों दिया है?

___ताकि हम अपनी भड़ास फ़ोकट में निकाल सकें


posted by RAJNISH PARIHAR at ये दुनिया है....
पानी रे पानी....

___तू कितना महंगा हो गया है रे !


posted by Raviratlami at चिट्ठा चर्चा -
तेरे शहर में जॉनी, आखिर कितने चिट्ठाकार हैं?

___जो ढंग से चिट्ठी लिखना जानते हैं ?


posted by डॉ. रूपचन्द्र शास्त्री मयंक at उच्चारण

"उन्हें खाना नहीं आता हमें पीना नहीं आता" (डॉ.रूपचन्द्र शास्त्री "मयंक")

___यही तो रोना है, हमें फाड़ना तो आता है पर सीना नहीं आता


-चुटकीबाज़ अलबेला खत्री





8 comments:

Suman said...

nice

संगीता पुरी said...

अच्‍छी न लगे तो बताना .. और अच्‍छी लगे तो क्‍या करना है ??

Mithilesh dubey said...

बहुत बढ़िया प्रयास । बधाई

Udan Tashtari said...

सही चुटकियाँ..मजेदार!

जी.के. अवधिया said...

वाह क्या चुटकी है!
जोर की चुटकी धीरे लगे!!

ललित शर्मा said...

बहुत जोरदार चुटकी,

पं.डी.के.शर्मा"वत्स" said...

nice
:)

Rishabha said...

achhai chutkiya ... lage raho..